अखिलेश यादव 27 के रण के लिए आजमा रहे मुलायम का चरखा दांव, बदला सपा मुख्यालय का नजारा

समाजवादी पार्टी मुख्यालय का नजारा इन दिनों बदला हुआ है। सपा मुखिया अखिलेश लगातार बैठकें कर रहे हैं। कार्यकर्ताओं को समझा रहे हैं। उन्हें चुनावी पैतरे सिखा रहे हैं। अपने पिता मुलायम की तर्ज पर यह बता रहे हैं कि कैसे चरखा दांव देकर चुनाव जीतना है। यह भी समझा रहे हैं कि संयम रखें, किसी पचड़े में न फंसें। बस यह ध्यान रखें कि चुनाव कैसे जीतना है। यह सीख दे रहे हैं कि लोगों के बीच में रहकर वादे और इरादे को बताएं।

गोपनीयता बरती जा रही

अखिलेश कह चुके हैं कि यह विधानसभा चुनाव करो या मरो वाला है। इसीलिए वह चुनावी तैयारी में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं। उम्मीदवारों का पैनल फाइनल करने में काफी गोपनीयता बरती जा रही है। कार्यकर्ताओं को समझाया जा रहा है कि भाजपा के पैंतरे से कैसे सावधान रहना है। भाजपा की भड़काने वाली राजनीति से हमें बचना है। रणनीति बनाने में गोपनीयता बरतें। भाजपा खुफिया बहाने से इसे पता कराती है और इसकी काट निकालती है।

प्रोफेशनल चेहरों को अधिक मौका देने की तैयारी

कहा तो यह भी जा रहा है कि सपा इस बार कुछ हटकर चुनाव लड़ना चाहती है। लोकसभा चुनाव की तर्ज पर यूथ और प्रोफेशनल चेहरों को अधिक मौका देने की तैयारी है। बार-बार चुनाव हारने वालों के स्थानों पर नए नामों पर भी विचार हो रहा है। पुरानों को उनके साथ अभिभावक के तौर पर लगाने की योजना है। अखिलेश स्वयं एक-एक सीट का गुणा-गणित अपने हिसाब से बैठाने में लगे हुए हैं। जातीय समीकरण का भी अध्ययन कराया गया है, जिससे चुनावी समीकरण उसके अनुकूल रहे।

दो चरणों में स्क्रीनिंग

समाजवादी पार्टी के सूत्रों का कहना है कि पार्टी इस बार उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग दो चरणों में करा रही है। सर्वे के आधार पर सीटवार जातीय समीकरण के उम्मीदवारों से बात की जा रही है। उनके बारे में फीडबैक लिया जा रहा है। इसके अलावा एक अन्य गुप्त स्थान पर भी उसके बारे में अन्य लोगों से फीडबैक लेने के लिए बैठकें हो रही हैं।

अखिलेश का बड़ा दावा- तो कभी नहीं होंगे चुनाव

बता दें कि अखिलेश यादव एक तरफ समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं का 2027 के लिए मनोबल बढ़ा रहे हैं तो दूसरी तरफ भाजपा पर निशाना भी साध रहे हैं। अखिलेश ने भाजपा पर बिहार और पश्चिम बंगाल के चुनावों में बेईमानी का आरोप लगाया है। उन्होंने यह दावा किया कि यदि ऐसी ही स्थित यूपी में भी हुई तो भविष्य में चुनाव होना मुश्किल हो जाएगा। दरअसल, कासगंज के सोरों गेट स्थित उर्मिला गार्डन के उद्घाटन के बाद आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा महिलाओं के आरक्षण के मुद्दे पर भी राजनीति कर रही है और लोकसभा की संरचना अपने राजनीतिक हितों के अनुरूप करना चाहती है। अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा ऐसी लोकसभा चाहती है जिसमें विपक्ष के नेता जीतकर न आ सकें।

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